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Chapter 1 - Uska Bachapan - Begining of Expectations

ये जिंदगी क्या है, किसलिये है, और हर जिंदगी भविष्य की  गोद मे क्या तलाशती है यह कोई नहीं जानता | जिंदगी आपको खट्टे और मीठे अनुभवों से रूबरू कराएगी और क्या तस्वीर दिखाएगी कौन जानता है  | बड़े लोग कहते है अपनी जिंदगी जियो और रास्ते बनाओ वो हासिल करो जिसक सपने तुमने बचपन से सजोए हो | परन्तु जिंदगी की राहो मे कई बार ऐसे  मोड़ आते है जहा ना चाहते हुए आप मुड जाते है ये बिना जाने की वो रास्ता आपको कुछ देगा भी या नहीं या उस रस्ते मे दिखने वाले सपने आपको एक अंतहीन सफर पर ले जाते है  | जहा से आप न वापस मुड़ सकते हो न आगे कुछ पा  सकते हो | आपके हाथो मे वो खाली  रेत रह जाती है ,जो आपको दूर से आपकी मंजिल तो दिखा रही थी पर वह लेकर कही नहीं जा रही थी |  

यह कहानी है उसी जिंदगी की उधड़ भून मे फसे एक लड़के की जिसका नाम है राहुल | बचपन से शांत और सरल सव्भाव लिए लोगो की आखो का तारा और सपना जिसके भरोसे उसका परिवार अपना सपना जीना चाहता था | यह एक ऐसा परिवार था जिसने गरीबी के अलावा कभी कुछ नहीं देखा | राहुल के पिताजी भी अपने 7 भाई बहनो के परिवार का पालन अपनी 15 साल की उम्र से कर रहे थे |  किउकी उनके पिताजी उन्हें अकेला करके अपनी जिमेदारियो दे गए |  गाँव मे उनका कोई खेत खलिहान भी नहीं था | जिसके भरोसे वो अपनी पढाई के साथ परिवार देख पाते , मजबूरन एक मेधावी छात्र को को परिवार का पेट पलने 15 साल की उम्र मे  शहर  आना पड़ा जहा उनके चाचा जी ने उनको नौकरी पर रखवा दिया | राहुल के पिताजी अपनी जिंदगी मे  बोहत मेहनत  की और हर भाई बहिन को जरूरतों को पूरा करते हुए उनकी शादिया वगैरह की | पर उनका मन हमेशा उन् ऊचाइयो को देखता जो वो करना चाहते थे | पर जिंदगी को कुछ और मंजूर था | 



परन्तु जिंदगी ने राहुल के पिताजी को एक मौका दिया और उनकी कच्ची नौकरी पक्की सरकारी हो गयी | परन्तु पढाई के आभाव मे उनका पद बोहत छोटा था जिससे वो अपने परिवार का बस पेट भर सकते थे साडी जरूरते पूरी नहीं कर सकते थे ,फिर भी उन्होंने कभी कोई कमी नहीं होने दी और अपने परिवार को लिए शहर  की एक बस्ती मे घर ख़रीदा और जीवन जीने लगे और अपना सपना अपने बेटे राहुल मे देखने लगे | राहुल बचपन से बोहत होशियार और हसमुख बच्चा  था | अपने स्कूल और रिस्तेदारो मई सभी का लाडला था| राहुल एक मेधावी छात्र था हमेशा क्लास मई प्रथम आता  था और इसी  वजह से वह स्कूल के टीचर , हेडमास्टर यहाँ तक वहा की आयी तक का चहेता  था | पर कहते है अच्छाई  के पीछे बुराई हाथ फैलाये भागती है | तो राहुल के दुश्मनो की कमी बचपन से नहीं थी, दुश्मनी इस लिए नहीं थी की उसकी संगत ख़राब थी वह इसलिए थी की लोगो का चहेता था और उसके सर्किल मे  क्लास के सभी अच्छे  बच्चे थे उसमे क्लास क सभी लड़किया -लड़के थे  | बस यही बात उन् कुछ बदमाश को अच्छा नहीं लगती थी और यही राहुल से उनकी ईर्ष्या का कारण थी और परिणाम मे राहुल को छुट्टी के बाद  रास्ते  मे जाते हुए वोह  बदमाश बच्चे परेशान  करने लगे, पर राहुल ने कभी भी उनकी तरह लड़ाई नहीं की वो हमेशा उससे बचने की कोशिस करता था|   



राहुल का एक छोटा भाई और छोटी बहिन थी जो उसके साथ उसी स्कूल मे पढ़ते थे | जिनका नाम विशाल और अनीता था | विशाल अपने भाई के एकदम उलट था और दिमाग का बोहत गरम | 5 साल की उम्र मे भी उसका गुस्सा इतना था की वो अपने टीचर को भी नहीं छोड़ता था अगर किसी ने बिनवजह उससे मारा या उसको कोई बात ठीक न लगी हो और दोस्तों की बात तो छोड़ दो, हर दिन क्लास मे  कुछ न कुछ हंगामा- लड़ाई होता और बुलाया जाता बेचारे राहुल को | स्कूल को स्कूल वाले कहते थे इतने सरीफ परिवार मे ये आतंकवादी कहा से पैदा हो गया | तुम दोनों भाई बेहेन कितने अच्छे स्टूडेंट और एक ये है हमेशा लड़ाई झगड़े, खैर  हाथ की सभी उंगलिया बराबर नहीं होती यह कुदरत का नियम है | खैर हम आते है राहुल की पढाई पर जहा हर तरफ राहुल की पढाई मे  कुशलता की बाते होती रही और कहानी ऐसी चलती रही, राहुल देखता रहा कैसे हर कोई बात करता है की वह डिस्ट्रिक मे टॉप करेगा, यह बनेगा वो बनेगा |  चाहे वह स्कूल हो, घर हो, रिस्तेदार हो, सभी को उसपर बहुत भरोषा था | राहुल भी उस भरोसे को पूरा करने मे लगा रहता और मेहनत करता और क्लास मे प्रथम आता रहा और अपने दुश्मनो की आखो मे चुभता रहा जो उससे अक्सर स्कूल क बहर मारा करते थे, पर राहुल अपने भाई बहनो का हाथ पकड़ कर घर की और दौड़ लगा देता था कई बार पकड़ा भी जाता था और किस्मत से बच भी जाता था की आते जाते  कोई जान पहचान के लोगो झगड़े को ख़तम करके बदमाश लड़को को भगा देते थे  | 



लड़ाई झगड़े की बात कभी भी राहुल ने अपने घर वालो को नहीं बताई पर उसकी छोटी बहिन अनीता अक्सर मम्मी को बताती थी की भईया  की लड़ाई हुयी पर माँ उसे बच्चो की ल लड़ाई समझ कर धयान नहीं देती थी और ऐसी तरह चलता रहा | फिर एक दिन छोटी घटना बढ़ते बढ़ते वहा  आयी जहा वो सभी के नजरो मे आयी | एक दिन जब राहुल अकेला घर आ रहा था तो उन् बदमाश लड़को ने राहुल को घेर लिया और यह कहते हुए बहुत मारा की तुम्हरे ग्रुप मे जो लड़की निशा है उसको हमरा भाई आशुतोष (गुंडे सेना का नेता ) प्यार करता है तो आज क बाद उसके पास बैठना और लंच करना बंद कर देना और राहुल को बोहत पीटा, पर राहुल बेचारा उस कच्ची उम्र मे बस दोस्ती समझता था प्यार-व्यार क्या होता है उसे नहीं पता था, पर उन बदमाश बच्चो ने मानो उसमे अभी से पीएचडी कर डाली हो | खैर राहुल की इस  पिटाई मे बात बड़ी हो चुकी थी, राहुल अपनी चोट के निशान घर वालो से नहीं छुपा पाया | और घर वालो ने स्कूल मैनेजमेंट से शिकायत के लिए स्कूल जाना तय किया परन्तु राहुल ने अपने घर वालो को समझाया की स्कूल मे वह खुद बात करेगा, क्युकी आप लोग जाओगे तो बात उनके माँ बाप तक जाएगी और मामला मेरे लिए ओर बिगड़ जायेगा इसलिए मे खुद हेडमास्टर से बात करूँगा, हुआ भी वैसा  ही, अगले दिन राहुल हेडमास्टर क पास गया और सारी कहानी कह सुनाई | फिर क्या था बदमाश लड़को की सामत आयी और सभी लड़को को ऑफिस मे बुलाया गया और राहुल को क्लास मे जाने को कहा गया | 

राहुल चुपचाप आकर अपनी क्लास मे बैठ गया और वह अंदर से डरा हुआ था की क्या हो रहा होगा उनके साथ साथ | तभी स्कूल की आयी सभी बच्चो को पानी पिलाने  क्लास मे आयी और राहुल से पूछा - बेटा क्या हो गया था उन् लड़को के साथ तुम्हारा , राहुल ने कहा - " वह मुझे परेशां करते थे मिल कर इसलिए " ,आयी बोली हेडमास्टर के कमरे मई मुर्गा बना कर उनकी संतियो से पिटाई हो रही और अगले २ दिनो तक मुर्गा बनने की सजा दी है | राहुल ने रहत की सास ली और सोचा सायद अब इनकी हिम्मत नहीं होगी कभी कुछ ऐसा करने की | और हुआ भी वही, दोबारा कभी राहुल के साथ रास्ते मे हाथापाई नहीं हुई | पर क्या जिंदगी आपको आसानी से आगे बढ़ने देती है ? जवाब - "कभी नहीं " उसके गोद  मे  क्या है वो सिर्फ भविष्या ही तय करता है  

तो आज ये पार्ट मे  यही खत्म करता हू, अगले पोस्ट मे आपकी मुलाकात करवाऊंगा राहुल के जिगरी दोस्तों जो स्कूल मे बचपन से उसके साथ पढ़ रहा था और साथ मे आगमन होता है नए लड़के की जो पढाई मे अवल हे राहुल को टककर देता है पढाई मे और उसका जिगरी भी बनता है इन तीनो दोस्तों क बीच आती  है लड़की, जिसे तीनो अपने अपने अपने तरीके से प्रभावित करने की कोशिस करते है |  



फिर देखते है अगले पोस्ट मे की राहुल नयी चुनोतियो को कैसे झेलता है और उसके लाइफ मे  क्या बदलाव आता है एक बड़े झटके के साथ 

to be continue - part 2  uska bachpan 

 

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